Daily Current Affairs Digest 02-August-2019 in Hindi

By | August 2, 2019

आतंकवाद के खिलाफ बड़ी जीत, राज्यसभा से पारित हुआ

  UAPA संशोधन विधेयक

 

    • राज्यसभा में 02 अगस्त 2019 को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन विधेयक (यूएपीए)-2019 पारित हो गया. विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक के बहुत से पहलुओं पर आपत्ति की थी. विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक को चयन समिति में भेजने की मांग की थी लेकिन इसे चयन समिति में भेजे जाने का प्रस्ताव गिर गया.



  • यह संशोधन विधेयक 24 जुलाई 2019 को लोकसभा में पारित हुआ था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि समय को देखते हुए इस विधेयक में बदलाव करने की जरूरत है. यूएपीए संशोधन विधेयक के तहत आतंकवादी घटनाओं में संलिप्त व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करता है. यह विधेयक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकार को बढ़ाने वाला है.

          यूएपीए एक्ट का उद्देश्य

  • यूएपीए एक्ट का मुख्य उद्देश्य देश की अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध होने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाना है. इस विधेयक के मुताबिक, सरकार किसी संगठन को पहली अनुसूची में शामिल कर आतंकी संगठन घोषित कर सकती है.


    मुख्य बिंदु:

    • यह संशोधन विधेयक आतंकवादी घटनाओं की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को ज्यादा अधिकार देती है.

    • सरकार को अभी तक आतंकवादी घटनाओं में संलिप्त व्यक्ति से पूछताछ करने हेतु संबंधित राज्य की पुलिस से पहले इजाजत लेनी पड़ती है लेकिन इस संशोधन विधेयक के पारित हो जाने के बाद एनआईए सीधे उस व्यक्ति से पूछताछ कर सकेगी उसे राज्य सरकार की पुलिस से इजाजत नहीं लेनी होगी.

    • यह विधेयक सरकार को यह अधिकार देता है कि इसके आधार पर किसी को भी व्यक्तिगत तौर पर आतंकवादी घोषित कर सकती है.

    • नए प्रस्तावित संशोधनों के बाद अब एनआईए के महानिदेशक को ऐसी संपत्तियों को कब्जे में लेने और उनकी कुर्की करने का अधिकार मिल जाएगा जिनका आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया.



    • अब तक के नियम के मुताबिक, आतंकवादी घटनाओं से संबंधित किसी भी मामले की जांच डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) या असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) रैंक के अधिकारी ही कर सकते थे. लेकिन अब नए नियम के अनुसार, एनआईए के अफसरों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं. अब ऐसे किसी भी मामले की जांच इंस्पेक्टर रैंक या उससे ऊपर के अफसर भी कर सकते हैं.

 

रवीश कुमार को मिला 2019 का ‘रेमन मैग्सेसे’ पुरस्कार

 

  • यह सम्मान एशिया में साहसिक एवं परिवर्तनकारी नेतृत्व के लिए दिया जाता है. रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज’ बनने के लिए तथा हिंदी टीवी पत्रकारिता में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है. रवीश कुमार हिन्दी न्यूज़ चैनल एनडीटीवी इंडिया के सबसे प्रमुख चेहरा हैं. रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के मामले में रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है.



  • रवीश कुमार का जन्म 5 दिसम्बर 1974 को मोतिहारी, बिहार में हुआ था. रेमन मैगसेसे पुरस्कार एशिया के व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने हेतु प्रदान किया जाता है. इसे प्राय: एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.



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